Sunday, October 4, 2009

भारत को अभी सच्ची स्वतन्त्रता की लडाई लड़नी शेष है

भारत को तो अभी सच्ची स्वतन्त्रता की लडाई लड़नी शेष है,
वो भी अपने लालची, स्वार्थी, सत्ता का भूखे नेताओं से अभी तो अंग्रेजी नियमों को उनके बचे कार्यो को स्वदेशी स्वार्थी नेता पूर्ण कर रहे है, स्वतन्त्र भारत का सपना टूटने से पहले हमे सचेत रहकर शीघ्र, अतिशीघ्र, तीव्र- अति तीव्र गति से तूफानी आन्दोलन करना पड़ेगा नही तो भारत की शक्ति का दुरुपयोग करके विश्व आनन्द लेने को तैयार है हर नागरिक को मानना होगा कि हम सर्वोत्तम है, और मै ही अकेला अपने भारत को सर्वोच्च शिखर पर पहँुचा सकता हूँ। मेरा धर्म-भारतीय, मेरा कर्म-भारत सेवा, मेरी जाति-भारतीय, हम ही विश्व के रक्षक है, क्योकि हम सबसे महान राष्ट्र के निवासी है, मैं भारतवीर हूँ।

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अंग्रेजों का षड़यन्त्र सफल हो रहा है

अंग्रेजों का षड़यन्त्र सफल हो रहा है

योजनाबद्ध तरीके से अंग्रेजो ने जैसा चाहा था वैसा ही इन्डिया बना जनरल डायर व अन्य अंग्रेजों की आत्मा स्वर्ग मे है या नरक में ये तो मालूम नही लेकिन अमर बलिदानी भारत वीरो की आत्मा अवश्य कराह रही है। आज जिसे हम स्वतन्त्र भारत कह रहे है वो परतन्त्र/पराधीन इंडिया है। जिसे अशिक्षित, लाचार, असंगठित रखने भरपूर प्रयास अंग्रेजों ने किया था। या सारे अंग्रेज बन जाये।

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भारत को भारत रहने दो इन्ड़िया ना बनाओ

भारत को भारत रहने दो इन्ड़िया ना बनाओ
कटु सत्य
प्यारे भारतवासी बन्धुवरों, सर्वप्रथम हमें ये ज्ञात होना चाहिए कि मेरे राष्ट्र का, मेरे देश का नाम क्या है। और स्मरण रहे कि नाम किसी भी भाषा में पुकारा जाए उच्चारण एक जैसा ही होगा।जरा सोचिए जिसे हम स्वतन्त्र भारत कह रहे है वो इंडिया क्यो और कैसे हुआ एक राष्ट्र के दो नाम कैसे हो सकते है। और यहाँ तो तीसरा भी है।जरा सोचिए........अगर हिन्दी में कोई नाम मनमोहन सिंह है तो अंग्रेजी में चमगादड़ का सींग हो जाएगा क्या? इसी तरह ..... सोनिया गाँधी है तो क्या अंग्रेजी में ‘‘चाचिया जाली कहेंगे? अटल बिहारी वाजपेयी को विकट बाजारी चालबाज कहेंगे क्या? ए।पी।जे। अब्दुल कलाम को एस।पी.जी. गुलाम कहेंगे क्या? भैरोसिंह शेखावत को खैरौ चन्द बिलावत कहेंगे क्या? लाल कृष्ण अडवानी को काला कोआ गिडगिडानी कहेंगे क्या?, शीला दीक्षित को केला भीक्षित, अर्जुन सिंह को दुर्याेधन सिंह, मुलायम सिंह यादव को कठोर गीदड़ भादव कहेंगे क्या? राम विलास पासवान को भोगविलासी कहेंगे क्या? लालू प्रसाद यादव को हरा प्रसाद चाराघोटाला कहेंगे क्या? राबड़ी देवी को कबाड़ी बेबी, वृन्दा करात को कृष्ण की बारात, बाला साहब ठाकरे को मराठी खब्ती कहेंगे क्या? ओम प्रकाश चैटाला को अन्धकार घोटाला, नटवर सिंह को नटखट सींग कहेंगे क्या?

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